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    मिट्टी की जांच

    Soil Testing
    • दिनांक : 01/02/2025 -

    मिट्टी की जांच

    कब

    • फसल की कटाई हो जाने अथवा परिपक्व खड़ी फसल में।
    • प्रत्येक तीन वर्ष में फसल मौसम शुरू होने से पूर्व एक बार।
    • भूमि में नमी की मात्रा कम से कम हो।

    क्यों

    • सघन खेती के कारण खेत की मिट्टी में उत्पन्न विकारों की जानकारी।
    • मिट्टी में विभिन्न पोषक तत्वों की उपलब्धता की दशा का बोधक।
    • बोयी जाने वाली फसल के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता का अनुमान।
    • संतुलित उर्वरक प्रबन्ध द्वारा अधिक लाभ।

    कैसे

    • एक एकड़ क्षेत्र में लगभग 8-10 स्थानों से ‘V’ आकार के 6 इंच गहरे गहरे गढ्ढे बनायें।
    • एक खेत के सभी स्थानों से प्राप्त मिट्टी को एक साथ मिलाकर ½ किलोग्राम का एक सन्युक्त नमूना बनायें।
    • नमूने की मिट्टी से कंकड़, घास इत्यादि अलग करें।सूखे हुए नमूने को कपड़े की थैली में भरकर कृषक का नाम, पता, खसरा संख्या, मोबाइल नम्बर, आधार संख्या, उगाई जाने वाली फसलों आदि का ब्यौरा दें।
    • नमूना प्रयोगशाला को प्रेषित करें अथवा मृदा परीक्षण किट द्वारा स्वयं परीक्षण करें।

    पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का वर्गीकरण

    पौधे जडो द्वारा भूमि से पानी एवं पोषक तत्व, वायु से कार्वन डाई आक्साइड तथा सूर्य से प्रकाश ऊर्जा लेकर अपने विभिन्न भागों का निर्माण करते है। पोषक तत्वों को पौधों की आवश्यकतानुसार निम्न प्रकार वर्गीकृत किया गया है।
    मुख्य पोषक तत्व– नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश।
    गौण पोषक तत्व– कैल्सियम, मैग्नीशियम एवं गन्धक।
    सूक्ष्म पोषक तत्व– लोहा, जिंक, कापर, मैग्नीज, मालिब्डेनम, बोरॉन एवं क्लोरीन।

    मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना

    यह भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग एवं उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा संयुक्त रूप से चलायी जा रही योजना है। इसका कार्यान्वयन उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग के माध्यम से रबी 2015-2016 से प्रारम्भ किया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का उद्देशय प्रत्येक किसान को उसके खेत की मृदा के पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी देना है और उन्हें उर्वरकों की सही मात्रा के प्रयोग और आवश्यक मृदा सुधारकों के संबंध में सलाह देना है ताकि लंबी अवधि के लिए मृदा स्वास्थ्य को कायम रखा जा सके।

    मृदा स्वास्थ्य कार्ड

    मृदा स्वास्थ्य कार्ड मृदा परीक्षण जाँच रिपोर्ट कार्ड है जिसमें सिंचित दशा में 2.5 हेक्टेयर तथा असिंचित 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल से एक नमूना ग्रिड़ के आधार पर लिया जाता है ग्रिड़ के अन्तर्गत आने वाले समस्त कृषकों को एक समान मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जायेगा। इसमें 12 पैरामीटर (मुख्य पोषक तत्व- मृदा पी०एच०, ई० सी०, जीवांश कार्बन उपलब्ध (नत्रजन), उपलब्ध फॉस्फोरस, उपलब्ध पोटाश, द्वितीय पोषक तत्व- गंधक, सूक्ष्म पोषक तत्व- जिंक, लोहा, मैग्नीज, तांबा, बोरॉन, का परीक्षण) जाँच / परीक्षणोपरांत ही कृषको को निःशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है।

    मृदा परीक्षण के उद्देश्य

    • मृदा में उपलब्ध पोषक तत्वों का सही- सही निर्धारण कर मृदा स्वास्थ्य कार्डों के माध्यम से कृषकों तक पहुंचाना।
    • विभिन्न फसलों की दृष्टि से पोषक तत्वों की कमी का पता करके किसानों को स्पष्ट सूचना देना।
    • मृदा पोषक तत्वों की स्थिति ज्ञात करना और उसके आधार पर फसलों के अनुसार उर्वरकों / खादों को डालने की संस्तुति करना।
    • मृदा की विशिष्ट दशाओं का निर्धारण करना, जिसमें मृदा को कृषि विधियों और मृदा सुधारको की सहायता से ठीक किया जा सके।
    • संतुलित उर्वरकों के प्रयोग को प्रोत्साहित करना।

    लाभार्थी:

    समस्त कृषक जिनके पास कृषि योग्य भूमि है।

    लाभ:

    उपरोक्तानुसार।

    आवेदन कैसे करें

    कृपया अपने नजदीकी कृषि विभाग से संपर्क करें।