Close

    सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाईजेशन (एस.एम.ए.एम)

    कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन
    • दिनांक : 01/01/2016 -

    भारत सरकार द्वारा 90 प्रतिशत केन्द्रांश तथा 10 प्रतिशत राज्यांश पर वर्ष 2014-15 से राष्ट्रीय तकनीकी एवं प्रसार मिशन के अन्तर्गत कृषि यंत्रीकरण सब मिशन योजना संचालित की जा रही है। योजना के अन्तर्गत वह सभी प्रकार के कृषि यन्त्र सम्मिलित हैं, जिनकी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार माँग है। प्रदेश में पर्वतीय क्षेत्रों में -फार्म मशीनरी बैंक तथा मैदानी क्षेत्रों में -कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि सूदूरवर्ती क्षेत्रों तक कृषि यंत्रों की पहुँच होने के साथ-साथ महिला श्रम को कम किया जा सके। फार्म मशीनरी बैंक (एफएमबी) एवं कस्टम हायरिंग सेन्टर (सी.एच.सी) की स्थापना से कृषकों को कम मूल्य पर स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कृषि यन्त्र उपलब्ध हो रहे हैं। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में फार्म पॉवर 0.5 किलोवॉट प्रति हैक्टेयर है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में लगभग 3 किलोवॉट प्रति हैक्टेयर है। पर्वतीय क्षेत्रों में औसतन फॉर्म पॉवर काफी कम है। पर्वतीय क्षेत्रों में छोटी एवं बिखरी जोत तथा सीढ़ीदार खेत होने के कारण आधुनिक बड़े कृषि यंत्रों का प्रयोग संभव नही है।

    योजना के उददेश्य-

    • लघु एवं सीमान्त कृषकों के मध्य कृषि यंत्रीकरण की पहुंच बढ़ाना।
    • कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना करना जिसमें लघु जोत वाले कृषकों को भी कम कीमत में भी कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकें।
    • फॉर्म मशीनरी बैंक की स्थापना करना जिससे सीमांत, लघु कृषकों एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक को भी समस्त कृषि यंत्र उपलब्ध हो सके।
    • सभी प्रकार के कृषि यंत्रों का एक समूह तैयार करना।
    • प्रदर्शन, क्षमता विकास तथा प्रशिक्षण के माध्यम से कृषकों में कृषि यंत्रीकरण के प्रति जागरूकता लाना।

    योजना की गाईडलाईन निम्न प्रकार है-

    14.11.2024 तक पीएम-आरकेवीवाई दिशानिर्देश (पीडीएफ 6 एमबी)

    लाभार्थी:

    समस्त कृषक जिनके पास कृषि योग्य भूमि है

    लाभ:

    गाईडलाईन के अनुसार।

    आवेदन कैसे करें

    कृपया अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क करें।